Government of Rajasthan | District Pali, Rajasthan
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पंच गौरव — एक जिला एक उत्पाद

एक जिला एक उत्पाद — टेक्सटाईल

कपड़ा की रंगाई · छपाई · फिनिशिंग एवं अन्य उत्पाद

चयनित उत्पाद का परिचय — टेक्सटाईल

पंच गौरव कार्यक्रम राजस्थान सरकार की वह पहल है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक जिले की विशिष्ट पहचान को संवर्धित करना है — एक जिला-एक उपज, एक जिला-एक उत्पाद, एक जिला-एक वनस्पति प्रजाति, एक जिला-एक खेल और एक जिला-एक पर्यटन।

पाली जिला राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक जिलों में से एक है। यहाँ का टेक्सटाईल उद्योग जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। पाली में हस्त-प्रसंस्करण (हैंड प्रोसेसिंग) एवं डाई-प्रिंटिंग की समृद्ध परम्परा दशकों से विद्यमान है। जिले में वस्त्र प्रसंस्करण की लगभग 800 इकाईयाँ कार्यरत हैं, जो प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 40,000 से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्रदान करती हैं।

इन इकाईयों का वार्षिक टर्न ओवर लगभग ₹15,500 करोड़ है। पाली के टेक्सटाईल उत्पाद देश के विभिन्न राज्यों एवं अन्तरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुँचते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2026-27 की कार्य योजना के माध्यम से इस उद्योग को और सुदृढ़ किया जाए तथा महिला उद्यमिता, पर्यावरण संरक्षण एवं निर्यात प्रोत्साहन को बढ़ावा दिया जाए।

विशेषता

पाली का टेक्सटाईल उद्योग विशेष रूप से कपड़े की हैंड-प्रिंटिंग, रंगाई और प्रसंस्करण के लिए जाना जाता है। यहाँ के उत्पाद रंग की पक्कापन, परम्परागत डिज़ाइन और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध हैं। महाप्रबन्धक, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, पाली द्वारा प्रस्तुत इस योजना का उद्देश्य उद्योग के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।

🏭
800
टेक्सटाईल इकाईयाँ
👷
40,000+
रोजगार
💰
₹15,500 Cr
वार्षिक टर्न ओवर
🌿
16 हे.
प्रस्तावित गारमेण्ट पार्क
Key Highlights

पाली टेक्सटाईल — मुख्य विशेषताएँ

हैंड प्रोसेसिंग
पारम्परिक रंगाई और हस्त-प्रसंस्करण की समृद्ध विरासत।
महिला सशक्तिकरण
गारमेण्ट निर्माण प्रशिक्षण एवं रोजगार के नए अवसर।
निर्यात प्रोत्साहन
राष्ट्रीय/अन्तरराष्ट्रीय मेलों में भागीदारी एवं ई-कॉमर्स।
पर्यावरण सुरक्षा
सीईटीपी द्वारा जल प्रदूषण नियंत्रण एवं नई तकनीक।

उत्पाद को गौरव के रूप में चुनने का उद्देश्य

पाली जिले की पहचान को टेक्सटाईल उद्योग के रूप में स्थापित करना तथा स्थानीय उद्यमियों, श्रमिकों और महिलाओं को विकास के नए अवसर प्रदान करना इस योजना का मूल उद्देश्य है। सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ टेक्सटाईल इकाईयों तक पहुँचाना और उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना प्रमुख लक्ष्य है।

जिले में वर्तमान स्थिति

पाली में लगभग 800 टेक्सटाईल इकाईयाँ कार्यरत हैं। इनका वार्षिक टर्न ओवर ₹15,500 करोड़ (अनुमानित) है। औद्योगिक क्षेत्र प्रथम एवं द्वितीय चरण पाली इस उद्योग का केन्द्र है। हालांकि जल प्रदूषण, टेस्टिंग लैब की कमी और कनेक्टिविटी जैसी चुनौतियाँ विद्यमान हैं, जिनके निराकरण हेतु यह कार्य योजना तैयार की गई है।

Roadmap

एक जिला एक उत्पाद — टेक्सटाईल हेतु कार्य योजना

(I) मुख्य लक्ष्य — अल्पकालीन कार्य योजना 2026-27

1

पाली में टेक्सटाईल की लगभग 800 इकाईयाँ कार्यरत हैं जिससे अनुमानित 40,000 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होगा एवं इनका टर्न ओवर ₹15,500 करोड़ अनुमानित है।

2

चालू वित्तीय वर्ष में कार्यशाला का आयोजन कर अथवा विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन शिविर का आयोजन कर प्रचार-प्रसार किया जायेगा एवं स्थानीय उद्यमियों को योजना के विभिन्न प्रावधानों से अवगत कराया जायेगा।

3

महिला सशक्तिकरण के लिये लघु उद्योग भारती के सहयोग से गारमेण्ट निर्माण हेतु प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। प्रशिक्षण पश्चात इन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा।

4

औद्योगिक क्षेत्र प्रथम चरण एवं द्वितीय चरण पाली की टेक्सटाईल इकाईयों को प्रदूषित जल का टेंकर से सीईटीपी नं. 06 तक परिवहन पर आरपीसीबी/एनजीटी द्वारा प्रतिबन्ध लगाया जा चुका है। ऐसी स्थिति में उक्त इकाईयों को पाइपलाइन के माध्यम से सीईटीपी से जोड़ा जाना आवश्यक है। इस हेतु रीको, उद्योग विभाग एवं संबंधित विभागों के समन्वय से कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

5

टेक्सटाईल इकाईयों द्वारा उत्पाद वस्त्र की गुणवत्ता एवं पक्के कलर का परीक्षण हेतु स्थानीय स्तर पर कोई टेस्टिंग लैब नहीं होने से राजस्थान टेक्सटाईल हैण्ड प्रोसेस एसोसियेशन के माध्यम से स्थानीय टेस्टिंग लैब स्थापित करने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं।

अल्पकालीन गतिविधि तालिका — 2026-27

क्र.सं. गतिविधि कार्यकारी एजेंसी विवरण / लक्ष्य
1 औद्योगिक प्रोत्साहन शिविर / कार्यशाला जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, पाली उद्यमियों को योजना प्रावधानों से अवगत कराना
2 महिला गारमेण्ट निर्माण प्रशिक्षण लघु उद्योग भारती / जिला उद्योग केन्द्र प्रशिक्षण उपरांत रोजगार
3 सीईटीपी पाइपलाइन कनेक्शन रीको / उद्योग विभाग / आरपीसीबी प्रदूषित जल निपटान हेतु पाइपलाइन संयोजन
4 स्थानीय टेस्टिंग लैब स्थापना राजस्थान टेक्सटाईल हैण्ड प्रोसेस एसोसियेशन गुणवत्ता एवं पक्के रंग का स्थानीय परीक्षण
5 प्रचार-प्रसार एवं ब्रांडिंग जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, पाली टेक्सटाईल उत्पाद की पहचान एवं विपणन

(II) टेक्सटाईल अवसंरचना का विकास — वर्ष 2030 से 2047

1

गारमेण्ट पार्क की स्थापना

पाली में लगभग 16 हेक्टर भूमि पर गारमेण्ट पार्क की स्थापना का कार्य रीको के माध्यम से किया जाना है। जिसमें लगभग 150 इकाईयों के भूखण्ड का प्रावधान रखा जायेगा।

2

नवीन तकनीक

टेक्सटाईल इकाईयों के जल प्रदूषण की समस्या के लिये IIT / IISc / NEERI के माध्यम से नवीन तकनीक उपलब्ध करायी जायेगी।

3

उत्पाद विविधिकरण

गारमेण्ट पार्क में सलवार सूट, कुर्ती, अपेरल एवं अन्य रेडिमेड उत्पाद की इकाईयाँ स्थापित होंगी।

4

मार्केट लिंकेज

राज्य/राष्ट्रीय/अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर मेलों एवं प्रदर्शनी में भागीदारी, ई-कॉमर्स / वेबसाइट मार्केटिंग हेतु ODOP योजनान्तर्गत सहायता।

5

निर्यात प्रोत्साहन

वस्त्र उत्पाद को सीधे निर्यात हेतु विशेष कार्यशाला आयोजित कर प्रशिक्षण एवं निर्यात योग्य इकाईयों की पहचान। राजस्थान एक्सपोर्ट पॉलिसी का लाभ।

6

वित्तीय सहायता

स्थानीय बैंकर्स एवं उद्यमियों के बीच संवाद स्थापित कर राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं बैंकों द्वारा उपलब्ध ऋण योजनाओं की जानकारी।

दीर्घकालीन लक्ष्य तालिका — 2047 तक

क्र.सं. अवसंरचना / पहल कार्यकारी एजेंसी लक्ष्य / संभावित प्रभाव
1 गारमेण्ट पार्क (16 हेक्टर) रीको 150 इकाईयाँ, बड़े पैमाने पर रोजगार
2 नवीन तकनीक (जल प्रदूषण नियंत्रण) IIT / IISc / NEERI पर्यावरणीय मानकों की अनुपालना
3 रेडिमेड उत्पाद — सलवार सूट, कुर्ती, अपेरल उद्योग विभाग / रीको मूल्य संवर्धन एवं ब्रांड पहचान
4 अन्तरराष्ट्रीय मेले / प्रदर्शनी / ई-कॉमर्स MSME / जिला उद्योग केन्द्र निर्यात वृद्धि एवं बाज़ार विस्तार
5 निर्यात योग्य इकाईयों की पहचान एवं प्रशिक्षण राजस्थान एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल विदेशी राजस्व प्राप्ति
6 बैंकर-उद्यमी संवाद / ऋण योजनाएँ अग्रणी बैंक / जिला उद्योग केन्द्र आसान वित्त, नई इकाईयों की स्थापना
Expected Outcomes

पंच-गौरव के अन्तर्गत अपेक्षित परिणाम (लक्ष्य-2047)

अपेक्षित परिणाम — सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय

आर्थिक परिणाम

सरकारी नीतियों की मदद से टेक्सटाईल प्रोसेस में प्रयुक्त होने वाली नई-नई तकनीक के उपयोग से उद्योग को गति मिलेगी, निर्यात से विदेशी राजस्व प्राप्त होगा एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। मूल्य संवर्धन से उद्यमियों की आय में सुधार होगा।

सामाजिक परिणाम

रोजगार के अधिक अवसर सृजन होने से श्रमिकों की आय में वृद्धि होगी। महिलाओं को अधिक रोजगार प्राप्त होने से उनके सामाजिक जीवन एवं शिक्षा स्तर में सुधार होगा। ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन में कमी आयेगी।

पर्यावरणीय परिणाम

टेक्सटाईल प्रोसेस से पाली में वायु प्रदूषण एवं जल प्रदूषण की चुनौतियाँ आ रही हैं। सीईटीपी द्वारा जल प्रदूषण नियंत्रण, वृक्षारोपण एवं ईंधन के रूप में बायो-फ्यूल के उपयोग से पर्यावरण में सुधार होगा।

सतत विकास लक्ष्यों में योगदान

महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन, जीवन स्तर में सुधार, पर्यावरण संरक्षण एवं निर्यात वृद्धि से विदेशी राजस्व प्राप्त होना — पाली जिला देश में एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में स्थापित होगा।

Gallery

From Loom to Wardrobe

A visual journey through Pali's dyeing, printing and finishing units.