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पंच गौरव — Pillar 1

एक जिला एक उत्पाद - मेहंदी

सोजत की मेहंदी — विश्व प्रसिद्ध सुगंध और रंग की पहचान

चयनित उत्पाद का परिचय

सोजत, पाली जिले का एक प्राचीन शहर है, जो अपनी उच्च गुणवत्ता वाली मेहंदी (हिना) के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है।

मेहंदी का वैज्ञानिक नाम Lawsonia inermis है। यह लिथ्रेसी कुल का पौधा है। मेहंदी एक बहुवर्षीय सूखा-रोधी झाड़ीदार पौधा है। राजस्थान देश में मेहंदी पत्ती का सबसे प्रमुख उत्पादक प्रदेश है। गुजरात (बारडोली) व मध्यप्रदेश अन्य उत्पादक प्रदेश हैं। राजस्थान में पाली जिला विशेषकर सोजत क्षेत्र मेहंदी पत्ती का मुख्य उत्पादन व व्यापारिक केन्द्र है।

चयनित उत्पाद की विशेषता

राजस्थान में इसकी खेती पत्तियों में पाए जाने वाले रंग (1 से 2.5 प्रतिशत लॉसोन) के लिए की जाती है, जो कि केश रंगने और पारंपरिक साज-सज्जा में काम आता है। इसके अलावा फूलों से प्राप्त सुगंधित तेल (इत्र) और पौधे के विभिन्न औषधीय गुण सुप्रसिद्ध हैं।

मेहंदी न केवल सौंदर्य का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्र के हजारों किसानों, मजदूरों और व्यापारियों की आजीविका का प्रमुख स्रोत भी है। विवाह समारोह, त्यौहार, आयुर्वेदिक औषधियाँ और प्राकृतिक रंगों के निर्माण में इसका व्यापक उपयोग होता है।

Key Highlights

Why Sojat Mehandi is Special

Deepest Colour
Highest lawsone yields a rich crimson stain.
100% Natural
Hand-harvested, sun-dried and chemical-free.
Global Exports
Shipped to Middle East, Europe and the Americas.
Mehandi Utsav
Annual festival held in Sojat every year.
Cultivation Guide

मेहंदी की खेती की प्रक्रिया (Cultivation Process)

जलवायु और भूमि (Climate & Soil)

मेहंदी के पौधे अनेक प्रकार की मृदा व जलवायु में उगाये जा सकते हैं, लेकिन अच्छी गुणवत्ता की पैदावार के लिये सामान्य बलुई दोमट भूमि एवं उष्ण और शुष्क जलवायु उत्तम है। जहाँ 300–400 मि.मी. वर्षा मेहंदी पुनर्विकास और अच्छी वृद्धि के लिये पर्याप्त है, वहीं फसल पकने के लिये तेज धूप, शुष्क वातावरण और गर्मी जरूरी है। इन्हीं कारणों से पश्चिमी राजस्थान में सीमान्त शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्र मेहंदी उत्पादन के लिये श्रेष्ठ साबित हुए हैं।

300–400 मि.मी.
वार्षिक वर्षा (आदर्श)
बलुई दोमट
अनुशंसित मिट्टी का प्रकार
उष्ण-शुष्क
आदर्श जलवायु
पौधशाला प्रबंधन (Nursery Management)

एक हेक्टेयर में पौधरोपण के लिये 1.5 मी. × 10 मी. की 8–10 क्यारियों में पौधे उगाए जा सकते हैं। क्यारियों में 40–50 से.मी. गहरी बलुई मिट्टी होनी चाहिये तथा 8–10 टन प्रति हैक्टेयर की दर से सड़ा हुआ खाद या कम्पोस्ट डालना चाहिए। दीमक नियंत्रण के लिये मिथाइल पेराथियॉन 10 प्रतिशत चूर्ण मिलाना चाहिये।

बीज उपचार (Seed Treatment)

  • बीज को 10–15 दिन तक लगातार पानी में भिगोकर रखें, हर दिन ताजा पानी प्रयोग करें।
  • समय की बचत के लिये 3% नमक के घोल में एक दिन भिगोकर, फिर एक दिन सादे पानी में रखकर धो लें।
  • मेहंदी का 5–6 किलोग्राम बीज प्रति हैक्टेयर उपयोग करें।
  • बुवाई का समय: फरवरी – मार्च

पौधशाला सिंचाई

  • बीज का अंकुरण पूरा होने तक (10–15 दिन) प्रतिदिन सिंचाई।
  • अंकुरण के बाद हर दूसरे दिन या आवश्यकतानुसार सिंचाई।
  • 40–60 दिन में पौधे 30–45 से.मी. की ऊँचाई प्राप्त कर लेते हैं और रोपाई योग्य हो जाते हैं।
रोपाई (Transplanting)

रोपाई के लिए खेत में पहले हल, तवेदार (हैरो) और कल्टीवेटर चला कर मिट्टी भुरभुरी कर ली जाती है। दीमक नियंत्रण हेतु 25 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर मिथाइल पेराथियॉन या क्लोरपाइरीफॉस डस्ट का छिड़काव तथा 5 टन प्रति हैक्टेयर कम्पोस्ट खाद डालनी चाहिये।

  • रोपाई का समय: जुलाई–अगस्त (वर्षा के तुरंत बाद)
  • रोपाई दूरी: 45 × 30 से.मी.
  • क्लोरपाइरीफॉस 35 ई.सी. घोल में जड़ों को गीला कर लगाने से दीमक से अतिरिक्त बचाव।
  • पौधरोपण के समय 40 किग्रा./हैक्टेयर नत्रजन उर्वरक डालें।
  • रोपण के बाद 1–2 बरसात आवश्यक है ताकि रोप सफलतापूर्वक स्थापित हो सके।

सिंचाई प्रबंधन (Irrigation)

मेहंदी की खेती सामान्यतः बरसात पर आधारित खरीफ फसल के रूप में ली जाती है। सफल रोपण के बाद दो या तीन अच्छी वर्षा पर्याप्त है। प्रथम वर्ष वर्षा न होने की स्थिति में एक सिंचाई आवश्यक है। बाद के वर्षों में अत्यधिक सूखे से बचाने के लिये सिंचाई वैकल्पिक है।

खाद एवं उर्वरक (Fertilizer Management)

स्थापित खेतों में हर वर्ष प्रथम निराई-गुड़ाई के समय 40 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर नत्रजन उर्वरक पौधों की कतारों के दोनों तरफ डालनी चाहिए। अच्छी बरसात की स्थिति में दूसरी निराई-गुड़ाई के समय इसे दोहरायें।

खरपतवार नियंत्रण (Weed Control)

खरपतवार नियन्त्रण और नमी संरक्षण के लिये निराई-गुड़ाई जरूरी है। प्रथम वर्ष कुदाली से और बाद के वर्षों में हल चलाकर की जा सकती है। मेहंदी फसल में 30–50 दिन के अन्तराल पर एक से दो गुड़ाई की जाती है।

कीट नियंत्रण (Pest & Disease Management)

मेहंदी का मुख्य शत्रु दीमक है। इसके नियंत्रण के लिए 25 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर की दर से मिथाइल पेराथियॉन या क्लोरपाइरीफॉस चूर्ण खेत में निराई-गुड़ाई के समय डालनी चाहिये।

कटाई (Harvesting)

मेहंदी की फसल को साल में एक या दो बार काटते हैं। मुख्य फसल मानसून के बाद तेज गर्मी से पत्तियां पकने पर अक्टूबर–नवम्बर में काटी जाती है। शाखाओं के निचले भाग में पत्तियां पूरी तरह पीली पड़ने पर और स्वतः झड़ने से पहले फसल काट लेनी चाहिये।

  • कटाई के बाद डालियों को खुले में 3–4 दिन तक सूखने के लिये रखें।
  • सुखाते समय फसल को बरसात/पानी से बचाएं — एक बौछार भी गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है।
  • कटाई के समय मौसम साफ और खुला होना आवश्यक है।
  • सूखने के बाद पत्तियों को झाड़ कर बोरियों में भरकर सूखे स्थान पर भण्डारण करें।
उपज एवं आर्थिक लाभ (Yield & Economics)

बारानी फसल से औसतन 1000 से 1500 किलोग्राम सूखी पत्ती प्रति हैक्टेयर प्राप्त होती है। स्थापना के प्रथम तीन वर्ष तक पैदावार अपेक्षाकृत कम (300 से 800 किग्रा./हैक्टेयर) होती है। मेहंदी बागान सामान्यतः 20 से 30 साल तक उपजाऊ और लाभप्रद रहता है।

1000–1500 किग्रा.
औसत उपज प्रति हैक्टेयर (बारानी)
50–60 रु./किग्रा.
मण्डी में औसत विक्रय मूल्य
40,000–60,000 रु.
अनुमानित शुद्ध लाभ प्रति हैक्टेयर

उत्पादन लागत का विवरण

  • प्रथम वर्ष मुख्य लागत: लगभग ₹15,000 प्रति हैक्टेयर
  • 15% खर्च जुताई, 60% मजदूरी, 25% रोप खरीदने पर होता है।
  • स्वयं रोप उगाने से लागत और कम की जा सकती है।
  • बाद के वर्षों में आधा व्यय रख-रखाव, कटाई, पत्ती झड़ाई पर होता है।
  • कार्तिक मास में कटने वाली मेहंदी (कोण बनाने हेतु) अधिक मूल्य पर बिकती है।
Market Data

मण्डी में मेहंदी आवक के आँकड़े (2021–2026)

सोजत कृषि उपज मंडी — वार्षिक आवक (क्विंटल में)

क्र.सं. वर्ष मंडी में आवक (क्विंटल)
12021–223,29,416
22022–232,97,521
32023–243,19,752
42024–252,91,581
52025–263,45,031

GI Tag (भौगोलिक संकेतक)

सोजत मेहंदी को दिनांक 14.09.2021 को प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेतक (GI Tag) प्राप्त हुआ, जो इसकी विशिष्ट गुणवत्ता और पहचान को प्रमाणित करता है।

विश्व स्तर पर निर्यात

सोजत की मेहंदी का निर्यात दुबई, ईरान, इराक, सीरिया, जॉर्डन, जापान, कोरिया, इंडोनेशिया, नेपाल, तुर्की, दक्षिण अफ्रीका सहित 80+ देशों में होता है।

प्रसंस्करण इकाइयाँ

सोजत में पत्ती की पिसाई (पाउडर बनाने) और पैकिंग से जुड़ी 100 से 140 व्यावसायिक इकाइयाँ संचालित हैं, जिनमें वर्तमान में 412 अनुज्ञापत्रधारी सक्रिय हैं।

उत्पादन क्षेत्र

सोजत क्षेत्र: 23,547 हेक्टेयर | मारवाड़ जंक्शन: 11,714 हेक्टेयर | कुल: 35,261 हेक्टेयर में व्यावसायिक खेती।

Processing Unit

मेहंदी एवं हर्बल प्रसंस्करण इकाइयाँ — सोजत सिटी

Mehandi & Herbals Processing Units registered in Sojat City, District Pali

प्रमुख प्रसंस्करण इकाइयाँ (Selected Units)

क्र.सं. इकाई का नाम स्वामी मोबाइल
1Abhinav IndustriesSanjay Maheshwari7014836622
2Adinath Henna ProductsPraveen Bohra9414122452
3Ajay EnterprisesJagdish Parihar9414123061
4Anil Mehandi UdhyogAnil Ojha9414123312
5Arbuda IndustriesRajaram Panwar9214424130
6Ashapura Trading CompanyMithalal7023352357
7Ashok and CompanyAshok Gehlot9352517432
8Babulal and SonsBabulal9414180500
9Best Herbs & Cosmetic CareMahendra Sankhla9460256681
10Bhanwar Lal Sankhla & SonsBhanwar Lal9252143565
11Brite Henna ProductsMukesh Heerani9928371777
12Brothers HennaKamlesh Parihar9057523786
13Chandra ExportsPakshal Jain8696452900
14Chelaj Mehandi IndustriesChelaram Jat9324030677
15Chouhan Trading CompanyVikram Chouhan8890959544
16Eareka Henna Herbals Pvt. Ltd.Jitendra Tak9414971555
17First Plant Organic Henna Pvt. Ltd.Rakesh Kumar9680046501
18Ganga Mehandi UdhyogTarachand Sankhla7737620918
19Gehlot Trading CompanySohanraj Gehlot6350614802
20Gehlot Mehandi UdhyogNemichand Gehlot7805000000

उत्पाद को गौरव के रूप में चुनने का उद्देश्य

राजस्थान के सोजत में उगाई जाने वाली मेहंदी को भौगोलिक संकेत (GI) टैग मिला हुआ है। यह टैग मेहंदी की अनोखी गुणवत्ता और बेहतर मानकों को दर्शाता है। GI टैग मिलने के बाद सोजत मेहंदी की मांग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में बढ़ी है।

चयनित उत्पाद की जिले में वर्तमान स्थिति

सोजत क्षेत्र में 23547 हेक्टेयर एवं मारवाड़ जंक्शन में 11714 हेक्टेयर क्षेत्र अर्थात कुल 35261 हेक्टेयर क्षेत्र में व्यावसायिक खेती की जाती है। सोजत में मेहंदी की मंडी एवं पत्तियों का पाउडर बनाने तथा पैकिंग करने की लगभग 100 से 140 व्यावसायिक इकाइयाँ हैं। सोजत की मेहंदी अपनी रचाई क्षमता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। सोजत से विदेशों में बड़े स्तर पर मेहंदी निर्यात की जाती है।

Roadmap

एक जिला एक उत्पाद मेहंदी हेतु कार्य योजना

अल्पकालीन लक्ष्य (वर्ष 2026-27)

क्र.सं. गतिविधि कार्यकारी एजेंसी अनुमानित लागत (लाख रु.)
1 मेहंदी उत्पादक कृषकों हेतु तकनीकी प्रशिक्षण उद्यान विभाग पाली 1.00
2 मेहंदी प्रचार-प्रसार हेतु वेबसाइट निर्माण उद्यान विभाग पाली एवं कृषि उपज मंडी सोजत 10.00
3 उन्नत तकनीक द्वारा उत्पादन एवं नर्सरी स्थापना क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र, काजरी पाली 20.00
4 ग्रामीण गोदामों का पुनर्निर्माण/मरम्मत कृषि उपज मंडी सोजत 27.00
5 संपर्क सड़कों का निर्माण कृषि उपज मंडी सोजत 135.00
योग 193.00

मध्यकालीन लक्ष्य (वर्ष 2029-30 तक)

क्र.सं. गतिविधि कार्यकारी एजेंसी अनुमानित लागत (लाख रु.)
1 मंडी प्रांगण विस्तार एवं भंडारण सुविधा कृषि उपज मंडी सोजत 300.00
2 अंतरराष्ट्रीय स्तर हेतु विशेष प्रशिक्षण उद्यान विभाग पाली एवं कृषि उपज मंडी सोजत 5.00
योग 305.00

दीर्घकालीन लक्ष्य (वर्ष 2047 तक)

क्र.सं. गतिविधि कार्यकारी एजेंसी अनुमानित लागत (लाख रु.)
1 क्लीनिंग, ग्रेडिंग, प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग सुविधा कृषि उपज मंडी सोजत 1000.00
2 मेहंदी पर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण हेतु सेंटर ऑफ एक्सीलेंस उद्यान विभाग पाली 500.00
योग 1500.00
Government Initiatives

पंच गौरव योजना अंतर्गत स्वीकृत विकास कार्य

गुणवत्ता जाँच प्रयोगशाला (Testing Lab) — डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना

मंडी प्रांगण में चिह्नित भूखंड पर मेहंदी की गुणवत्ता (रंग, शुद्धता और गुणवत्ता) जाँचने के लिये एक विशेष प्रयोगशाला का निर्माण किया जा रहा है। स्वीकृत कुल राशि ₹ 123.00 लाख में से 70% राशि ₹ 86.00 लाख उक्त योजनांतर्गत व 30% राशि ₹ 37.00 लाख मंडी समिति द्वारा वहन की जानी है।

1

पंच गौरव योजना 2025–26

उद्यान विभाग को ₹10.75 लाख आवंटित। प्रचार-प्रसार, पैम्पलेट, होर्डिंग्स, 59 कृषकों को बुश कटर वितरण एवं तकनीकी प्रशिक्षण।

2

कृषि उपज मंडी सोजत (2025–26)

मंडी प्रांगण में प्लेटफॉर्म हेतु ₹40.00 लाख एवं मेहंदी पत्तियों की सफाई और छनाई के लिए 5 आधुनिक मशीनें ₹10.00 लाख से स्थापित।

3

CAZRI नर्सरी स्थापना (2026–27)

क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, काजरी पाली द्वारा उच्च गुणवत्तायुक्त पौध तैयार कर कृषकों में वितरण। नर्सरी स्थापना हेतु ₹20.00 लाख स्वीकृत।

4

सफाई मशीन स्थापना (2026–27)

सोजत सिटी में मेहंदी पत्तियों की सफाई और छनाई हेतु मशीनें स्थापित करने के लिए अनटाइड फंड में ₹5.00 लाख स्वीकृत।

5

तकनीकी ज्ञान एवं प्रशिक्षण

क्षेत्र के कृषकों में तकनीकी ज्ञान की अभिवृद्धि और उच्च गुणवत्ता व अधिक उत्पादन देने वाली प्रजाति विकसित की जाएगी।

6

मिलावट नियंत्रण

आधुनिक सफाई मशीन और टेस्टिंग लैब शुरू होने से किसानों को उचित मूल्य मिलेगा तथा मिलावट पर रोक लगेगी।

Impact

अपेक्षित परिणाम

आर्थिक परिणाम
  • कृषकों की आय में वृद्धि।
  • उत्पादन एवं गुणवत्ता में सुधार।
  • स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा।
सामाजिक परिणाम
  • नए रोजगार के अवसर।
  • स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि।
  • सांस्कृतिक महत्व को बढ़ावा।
पर्यावरणीय परिणाम
  • मिट्टी के कटाव को कम करने में सहायक।
  • मधुमक्खियों एवं परागणकों के लिए भोजन स्रोत।
  • जैव विविधता को बढ़ावा।
Gallery

Sights from the Henna Fields of Sojat

A visual journey through the cultivation, harvesting, and craftsmanship behind Sojat mehandi.

FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

सोजत मेहंदी को GI Tag कब मिला?

सोजत की मेहंदी को दिनांक 14 सितम्बर 2021 को प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेतक (GI Tag) प्रदान किया गया, जो इसकी विशिष्ट रंग-क्षमता और गुणवत्ता को वैश्विक मान्यता देता है।

मेहंदी में रंग का स्रोत क्या है?

मेहंदी की पत्तियों में लॉसोन (Lawsone) नामक प्राकृतिक रंजक 1 से 2.5 प्रतिशत की मात्रा में पाया जाता है, जो त्वचा और बालों में गहरा लाल-भूरा रंग उत्पन्न करता है।

मेहंदी बागान कितने वर्ष तक उत्पादक रहता है?

एक बार स्थापित मेहंदी बागान सामान्यतः 20 से 30 वर्ष तक उपजाऊ और लाभप्रद रहता है। प्रथम तीन वर्ष तक उत्पादन अपेक्षाकृत कम होता है।

सोजत मेहंदी कहाँ-कहाँ निर्यात होती है?

सोजत मेहंदी दुबई, ईरान, इराक, सीरिया, जॉर्डन, जापान, कोरिया, इंडोनेशिया, नेपाल, तुर्की और दक्षिण अफ्रीका सहित 80 से अधिक देशों में निर्यात की जाती है।